हल्दिया: पश्चिम बंगाल का हल्दिया शहर सोमवार की रात जब नींद की आगोश में था, तभी अचानक एक जोरदार धमाके से पूरा इलाका दहल उठा। रात के करीब 2:45 बज रहे थे जब हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की नैफ्था सप्लाई करने वाली पाइपलाइन में जबरदस्त धमाका हुआ और देखते ही देखते आग का एक विशालकाय गोला आसमान को छूने लगा। ये आग इतनी भीषण थी कि पलक झपकते ही हल्दिया नगर पालिका के वार्ड-13 के चिरंजीबपुर इलाके में कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। जिसने भी ये मंजर देखा, उसकी रूह कांप उठी। आग की लपटें इतनी तेजी से फैल रही थीं कि लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
इस भयानक हादसे में कम से कम 15 लोग बुरी तरह झुलस गए। जो घर इस पाइपलाइन के पास थे, वहां रहने वाले लोग आग की चपेट में आ गए।
चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका धुआं दूर-दूर तक देखा जा सकता था, जो इस रात की खौफनाक कहानी बयां कर रहा था।
पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आईं, लेकिन आग पर काबू पाना आसान नहीं था।
आग का कहर और पीड़ितों का दर्द
आग की चपेट में आए सभी 15 घायलों को तुरंत हल्दिया सब-डिविजनल अस्पताल में भर्ती कराया गया। ये वो लोग थे जो इस अचानक हुए हादसे में झुलस गए थे।
लेकिन कुछ घायलों की हालत इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों को उन्हें तुरंत रेफर करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, पांच गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को तमलुक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया।
इनमें से भी दो लोगों की हालत ऐसी बताई जा रही है, जो जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। फायर ब्रिगेड की 12 से ज्यादा गाड़ियां आग बुझाने में जी-जान से जुटी थीं।
उनकी कोशिश थी कि इस आग पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके और आसपास के इलाकों को और नुकसान से बचाया जा सके। ये काम घंटों तक चलता रहा क्योंकि नेफ्था जैसी ज्वलनशील सामग्री की आग पर काबू पाना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
रेलवे पर पड़ा असर; कई ट्रेनें रद्द
आग का ये तांडव सिर्फ रिहायशी इलाकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा। जहां ये पाइपलाइन फटकर आग लगी, उसके ठीक पास से हल्दिया और दुर्गाचक के बीच रेलवे लाइन गुजरती है।
आग इतनी भयानक थी और उसकी लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि रेलवे अधिकारियों को सुरक्षा कारणों से तुरंत ट्रेन सर्विस रोकनी पड़ी। दक्षिण पूर्व रेलवे ने बताया कि सिल्पा प्रवेश गेट के पास गैस पाइप फटने के कारण मंगलवार सुबह 5:20 बजे से हल्दिया और दुर्गाचक के बीच रेल सेवा बाधित कर दी गई है।
इस हादसे के चलते कई ट्रेनों के रूट प्रभावित हुए। दक्षिण पूर्व रेलवे ने विस्तार से बताया कि 38052 (हल्दिया-हावड़ा) लोकल ट्रेन आज के लिए पूरी तरह से रद्द कर दी गई।
वहीं, 38051 (हावड़ा-हल्दिया) लोकल को हल्दिया तक पहुंचने से पहले ही दुर्गाचक में रोक दिया गया। इसके अलावा, 38054 (हल्दिया-पांसकुड़ा) लोकल को भी हल्दिया की बजाय दुर्गाचक से ही शुरू किया गया।
आग की गर्मी और धुएं से रेलवे की ओवरहेड बिजली लाइन के इक्विपमेंट को भी काफी नुकसान पहुंचा, जिससे बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। ये दिखाता है कि एक छोटे से हादसे का कितना बड़ा और दूरगामी असर हो सकता है।
हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स का बयान और आग की वजह पर सवाल
इस पूरे मामले पर हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स ने भी अपना बयान जारी किया है। कंपनी ने कहा कि उन्हें हादसे में कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है और वे प्रभावित लोगों के साथ-साथ प्रशासन को हरसंभव मदद दे रहे हैं।
लेकिन असली सवाल था कि ये आग आखिर लगी कैसे? पुलिस अभी भी इस बात की जांच कर रही है कि पाइपलाइन में आग लगने की वजह क्या थी। पूरा इलाका सील कर दिया गया है और बारीकी से छानबीन की जा रही है।
कंपनी के शुरुआती बयान में एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स ने संकेत दिया कि शुरुआती जानकारी से लगता है कि ये घटना प्लांस के पास नैफ्था की चोरी वाले स्थान के आसपास हुई हो सकती है।
हालांकि, आग लगने के सही कारणों की जांच संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। ये चोरी का एंगल एक नई परत जोड़ता है इस खौफनाक हादसे की कहानी में।
अगर वाकई ऐसा हुआ है, तो ये एक गंभीर सुरक्षा चूक और आपराधिक कृत्य का मामला होगा जिसके परिणाम इतने भयावह रहे।
कंपनी ने ये भी दोहराया कि नैफ्था अत्यधिक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन है। कंपनी पहले भी स्थानीय लोगों को पेट्रोलियम प्रोडक्ट के बिना अथॉरिटी इस्तेमाल या छेड़छाड़ से होने वाले गंभीर खतरे को लेकर चेतावनी जारी करती रही है।
ये चेतावनी इसलिए अहम हो जाती है क्योंकि अगर चोरी की बात सही निकली, तो ये सीधे-सीधे उस खतरे को आमंत्रित करना था जिसके बारे में कंपनी बार-बार आगाह करती रही है।
आखिर क्या होता है नेफ्था?
अब सवाल ये उठता है कि ये नेफ्था आखिर क्या बला है, जो इतना खतरनाक साबित हुआ? नेफ्था दरअसल पेट्रोलियम, यानी कच्चे तेल की रिफाइनिंग के दौरान मिलने वाला एक हल्का तरल हाइड्रोकार्बन मिश्रण है। आमतौर पर ये रंगहीन या हल्का पीला होता है, लेकिन इसकी पहचान इसकी तेज, पेट्रोल जैसी गंध और सबसे बढ़कर इसकी अत्यधिक ज्वलनशीलता है।
पेट्रोकेमिकल उद्योग में इसे सबसे महत्वपूर्ण कच्ची सामग्रियों में गिना जाता है। इसका उपयोग प्लास्टिक, सिंथेटिक फाइबर और अन्य रासायनिक उत्पादों को बनाने में होता है।
इसकी यही अत्यधिक ज्वलनशीलता इसे बेहद खतरनाक बनाती है, जैसा कि हमने हल्दिया में देखा। पूरी घटना एक चेतावनी है कि ऐसी ज्वलनशील सामग्रियों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ कितनी जानलेवा साबित हो सकती है।
पुलिस और जांच एजेंसियां अभी भी आग लगने के सही कारणों का पता लगाने में जुटी हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

