पुणे: महाराष्ट्र के पुणे शहर में 18 जून को हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड ने सबको हिलाकर रख दिया है। इस मामले में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। अब चेतन के कुछ दोस्तों ने पुलिस के सामने और मीडिया के जरिए वो बातें बताई हैं, जो इस कहानी में नया मोड़ लेकर आई हैं। चेतन ने अपने दोस्तों को सिया के साथ शादी और राजस्थान में बसने के सपने दिखाए थे, और तो और पैसों का इंतजाम भी सिया के जिम्मे था, ऐसा उसने बताया था।
मामला कुछ ऐसा है कि एक प्रेम कहानी ने खूनी अंजाम ले लिया। पुणे की सड़क पर दिनदहाड़े एक नौजवान की हत्या कर दी गई और शक की सुई सीधा उसकी मंगेतर और उसके प्रेमी पर जाकर अटकी।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, परतें खुल रही हैं और एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो सिर्फ जुर्म की नहीं, बल्कि रिश्तों की उलझनों और अधूरे सपनों की कहानी भी कह रही है।
चेतन और सिया: एक रिश्ते की कहानी
जोधपुर के पलासनी गांव का रहने वाला चेतन चौधरी, जिसके पिता बाबूलाल सीरवी की पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में एक किराने की दुकान है। यहीं चेतन का परिवार रहता है।
चेतन पुणे में ही अपनी पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ-साथ वो क्रिकेट भी खेलता था। सिया गोयल के पिता का दफ्तर चेतन के पिता की दुकान के ठीक सामने था।
इसी पहचान के चलते चेतन की मुलाकात सिया के भाई साहिल से हुई। साहिल के जरिए ही चेतन और सिया एक-दूसरे के करीब आए और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई।
चेतन के दोस्तों ने बताया कि दोनों अक्सर साथ दिखते थे। उन्होंने उदयपुर और जोधपुर जैसी जगहों पर भी एक साथ घूमने-फिरने की खबरें सुनी थीं।
जोधपुर में चेतन के दोस्तों ने तो उसे सिया के साथ घूमते हुए देखा भी था। चेतन ने अपने दोस्तों से साफ-साफ बता दिया था कि वो और सिया रिश्ते में हैं और जल्द ही शादी करने वाले हैं।
वो अपनी इस रिश्ते को लेकर काफी गंभीर था और भविष्य की योजनाएं भी बना रहा था।
शादी के सपने और पैसों का हिसाब-किताब
चेतन, सिया को अक्सर मारवाड़ी महिलाओं के पारंपरिक पहनावे और राजस्थान की संस्कृति से जुड़ी रीलें दिखाता रहता था। उसने अपने दोस्तों से कहा था कि शादी के बाद वो और सिया उदयपुर या जोधपुर में जाकर बस जाएंगे।
राजस्थान में शिफ्ट होने की पूरी योजना थी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल पैसे का था। चेतन ने अपने दोस्तों को बताया था कि राजस्थान में बसने के लिए पैसों का इंतजाम सिया अपने परिवार से कर लेगी।
यानी, इस रिश्ते में भविष्य की आर्थिक जिम्मेदारियों को लेकर भी चेतन ने पहले से ही मन बना रखा था कि सिया अपने परिवार से मदद लेगी।
हत्या से पहले का बदलाव और पुलिस की जांच
केतन अग्रवाल की हत्या से करीब दो-तीन महीने पहले चेतन के व्यवहार में एक अजीब सा बदलाव आया था। उसने अपने समाज के लोगों और दोस्तों से मिलना-जुलना कम कर दिया था, जैसे वो खुद को सबसे दूर कर रहा हो।
अब पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या यह बदलाव किसी बड़े घटनाक्रम की तैयारी का हिस्सा था। पुणे पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए सिया और चेतन के मोबाइल डेटा को रिकवर कर रही है और उनकी सर्च हिस्ट्री खंगाल रही है।
इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या से पहले उनके बीच क्या बातचीत हुई थी और उन्होंने क्या-क्या सर्च किया था। इस जांच से कई और अनसुने राज बाहर आ सकते हैं।
हाल ही में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सिया और चेतन महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का एक मैच साथ देखते हुए नजर आ रहे हैं, जो उनके रिश्ते की गंभीरता को और पुख्ता करता है।
पुणे में तनाव और मारवाड़ी समुदाय पर असर
इस खूनी वारदात के बाद पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में जबरदस्त तनाव है। चेतन के पिता बाबूलाल सीरवी की दुकान 25 जून से बंद पड़ी है।
उनका पूरा परिवार पुणे स्थित अपने घर को छोड़कर किसी रिश्तेदार के यहां चला गया है। इलाके में ज्यादातर दुकानें मारवाड़ी और मेवाड़ी समुदाय के लोगों की हैं, जो ड्राईफ्रूट और किराना का कारोबार करते हैं।
पाली, जोधपुर, नागौर, उदयपुर, जालोर-सिरोही जैसे राजस्थान के कई जिलों के लोग यहां बरसों से व्यापार कर रहे हैं और अक्सर दुकानों के ऊपर ही अपने परिवार के साथ रहते हैं।
केतन अग्रवाल की हत्या के बाद 27 जून को पुणे में कैंडल मार्च निकाला गया था। इस घटना के बाद मार्केट यार्ड के अधिकांश व्यापारियों ने अपनी दुकानें नहीं खोली हैं।
मार्केट में दिन-रात पुलिस का पहरा है। चेतन को लेकर लोगों में जबरदस्त गुस्सा है, जिसकी वजह से पुणे में मारवाड़ी लोगों के खिलाफ एक माहौल गरमा गया है।
वहां रह रहे राजस्थानी लोगों में एक डर और दहशत का माहौल है। उन्हें लग रहा है कि कहीं इस घटना का खामियाजा पूरे समुदाय को न भुगतना पड़े।
सोजत, पाली के एक 65 वर्षीय व्यक्ति, जो 40 साल से पुणे में व्यापार कर रहे हैं, ने बताया कि, “पुणे में काफी मारवाड़ी हैं। पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन केतन हत्याकांड के बाद लोकल और मारवाड़ी लोगों के बीच एक खाई बनती जा रही है, जिसे भरने में काफी वक्त लगेगा।
” बाली, पाली के एक 35 वर्षीय व्यक्ति ने भी इस बात पर जोर दिया कि 27 जून को हुए कैंडल मार्च के बाद से ही इलाके का माहौल काफी गर्म है। चेतन के पिता का बिजनेस कोविड के बाद से कमजोर हो गया था, जिसके चलते चेतन पढ़ाई छोड़कर पिता की दुकान में मदद करने लगा था।
यह घटना अब न सिर्फ एक आपराधिक मामला रह गई है, बल्कि दो समुदायों के बीच के रिश्तों पर भी गहरा असर डाल रही है। पुलिस अपनी जांच में जुटी है, लेकिन पुणे के मार्केट यार्ड में अभी भी सन्नाटा और तनाव पसरा हुआ है।

