पुणे: पुणे का केतन अग्रवाल मर्डर केस, जो पहले से ही अपने उलझे हुए प्यार और धोखे की कहानी के लिए सुर्खियां बटोर रहा था, अब एक नए ही पचड़े में फंस गया है. मर्डर मिस्ट्री के बीच अब वकीलों के बीच की जंग सरेआम आ गई है. जिस मंगतेर सिया गोयल पर केतन की हत्या का आरोप है, उसका केस लड़ने के लिए एक नहीं, दो वकील आमने-सामने आ गए हैं. एक वकील दावा कर रहा है कि सिया ने उसे अपना केस लड़ने के लिए नियुक्त किया है, तो दूसरा वकील कह रहा है कि असली नुमाइंदगी उसके हाथ में है. और इस चक्कर में, एक वकील ने तो 10 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस तक थमा दिया है. मामला कोर्ट से लेकर सड़क तक गरमाया हुआ है, और हर दिन नए मोड़ ले रहा है.
ये सारा बवाल तब शुरू हुआ जब आरोपी सिया की तरफ से कोर्ट में पैरवी करने को लेकर दो वकीलों ने दावा ठोक दिया. एक तरफ वकील आशुतोष श्रीवास्तव का कहना है कि सिया ने उन्हें अपना केस लड़ने के लिए चुना है, जबकि दूसरी ओर सिया के भाई साहिल गोयल ने साफ-साफ कह दिया कि उनके वकील तो विपुल दुशिंग हैं और आशुतोष श्रीवास्तव उन पर दबाव बना रहे हैं.
साहिल के इस बयान के बाद तो आशुतोष श्रीवास्तव आगबबूला हो गए और उन्होंने साहिल गोयल को पूरे 10 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेज दिया. इस नोटिस में मांग की गई है कि साहिल अपने बयान तुरंत वापस लें और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें.
वकीलों के बीच क्यों ठनी?
इस कानूनी लड़ाई की शुरुआत 29 जून को हुई. पुणे की वडगांव मावल कोर्ट में सुनवाई चल रही थी.
अदालत में सिया ने कथित तौर पर कहा कि आशुतोष श्रीवास्तव उनके वकील नहीं हैं और उनकी तरफ से विपुल दुशिंग ही पैरवी कर रहे हैं. बस फिर क्या था, आशुतोष श्रीवास्तव ने इसे अपनी इज्जत पर हमला माना और साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपए हर्जाने का कानूनी नोटिस भेज दिया.
अब इस कानूनी नोटिस पर साहिल गोयल का अगला कदम क्या होगा, ये देखने वाली बात होगी. लेकिन इस बीच, मर्डर केस से ध्यान हटकर वकीलों की इस अनोखी लड़ाई पर आ गया है.
चेतन चौधरी: प्यार, पैसा और कत्ल का कनेक्शन
अब बात करते हैं हत्या के दूसरे आरोपी चेतन चौधरी की, जो राजस्थान के जोधपुर के पलासनी गांव का रहने वाला है. दैनिक भास्कर ने चेतन के दोस्तों से बात की है और कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं.
चेतन के पिता की एक छोटी सी किराने की दुकान है, और उसी के सामने सिया गोयल के पिता का ऑफिस है. यहीं से दोनों परिवारों के बीच कनेक्शन बना.
चेतन पुणे में ही पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट का भी शौकीन था. इसी दौरान उसकी मुलाकात सिया के भाई साहिल से हुई और फिर साहिल के जरिए सिया से दोस्ती हो गई.
दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. चेतन और सिया कई बार उदयपुर और जोधपुर घूमने भी गए थे.
जोधपुर में चेतन के दोस्तों ने उन दोनों को साथ देखा था. चेतन ने अपने दोस्तों को बताया था कि वे दोनों रिलेशनशिप में हैं और जल्द ही शादी करने वाले हैं.
चेतन अपने दोस्तों से यह भी कहता था कि शादी के बाद वह राजस्थान शिफ्ट हो जाएगा और पैसों का इंतजाम सिया कर लेगी. ये बातें अब पुलिस के लिए एक बड़ा सुराग बन गई हैं, क्योंकि ये सिया और चेतन के बीच गहरी साजिश की ओर इशारा कर रही हैं.
एक करोड़ का खेल और बाली ट्रिप का राज
पुणे पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले में पैसों का भी एक बड़ा खेल सामने आया है. पुलिस का दावा है कि सिया ने केतन से शादी की खरीदारी के बहाने पूरे 1 करोड़ रुपये लिए थे.
लेकिन ये पैसे शादी की खरीदारी में नहीं लगाए गए, बल्कि पूरी की पूरी रकम अपने प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी. अब सवाल ये है कि सिया ने ये पैसे क्यों दिए और चेतन ने उनका क्या किया?
इस बीच, एक और अहम गवाह सामने आया है - कैब ड्राइवर वैभव जाधव. वैभव वही ड्राइवर है जिसने 6 जून को केतन और सिया को बाली के लिए एयरपोर्ट पर छोड़ा था.
वैभव ने जो बताया, वो भी बेहद दिलचस्प है. उसके मुताबिक, सिया बाली नहीं जाना चाहती थी.
रास्ते में उसकी अपने भाई साहिल से किसी बात को लेकर बहस हो रही थी. वैभव ने बताया कि थोड़ी देर बाद उनकी गाड़ी एक जगह रुकी, जहां 4 और लोग आकर गाड़ी में बैठ गए.
फिर गाड़ी एक फूड कोर्ट पर रुकी और सभी लोग खाने-पीने चले गए. कुछ देर बाद सिया वापस आई, उसने गाड़ी से कुछ सामान निकाला और उसे अपने बूट में छिपा लिया, और फिर वापस चली गई.
वैभव ने सभी को एयरपोर्ट छोड़ा. बाद में उसके पास कॉल आया कि केतन का पासपोर्ट कैब में छूट गया है.
वैभव एयरपोर्ट पहुंचा, गाड़ी की तलाशी ली गई, लेकिन पासपोर्ट नहीं मिला.
ये सारी बातें सिया के इरादों पर गहरे सवाल उठाती हैं. बाली न जाना चाहना, भाई से बहस, गाड़ी से कुछ सामान निकालकर छिपाना और फिर पासपोर्ट का गायब हो जाना – क्या ये सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था?
पुलिस की जांच: हूडी वाला शख्स और सीन रिक्रिएशन
पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है. 28 जून को पुणे पुलिस ने लोहगढ़ किले पर उस जगह का सीन रिक्रिएशन भी किया, जहां से केतन की हत्या करके उसे नीचे फेंका गया था.
पुलिस ने केतन की हाइट वाले एक पुतले को उसी जगह से फेंका, ताकि घटना की सच्चाई और बारीकियों को समझा जा सके.
इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज भी जांच का एक अहम हिस्सा है. पुलिस उन फुटेज को खंगाल रही है जिनमें हूडी पहने एक शख्स दिखाई दे रहा है.
पुलिस को शक है कि ये शख्स चेतन चौधरी हो सकता है. अब पुलिस उस हूडी वाले शख्स के चलने के तरीके की जांच करेगी, ताकि ये पक्का किया जा सके कि वो चेतन ही था या कोई और.
हर एक छोटी से छोटी डिटेल इस मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने में मदद कर सकती है. ये मामला अभी और कितने राज खोलेगा, ये तो वक्त ही बताएगा.

