पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले के लोग पिछले काफी समय से गर्मी और उमस से जूझ रहे थे, लेकिन रविवार की रात मौसम ने ऐसी करवट ली कि सब कुछ बदल गया। देर रात अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और फिर शुरू हुआ झमाझम बारिश का दौर। यह कोई मामूली फुहार नहीं थी, बल्कि करीब तीन घंटे तक मेघगर्जन के साथ भारी बारिश होती रही। इस बारिश ने न केवल तपिश को कम किया, बल्कि लोगों को एक ऐसी राहत दी जिसका इंतजार काफी समय से था।
सोमवार की सुबह जब लोग जागे, तो नजारा बदला हुआ था। आसमान बादलों की चादर से ढका था और हवाओं में वो ठंडक थी जो मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने का संकेत दे रही थी।
हालांकि, दिन चढ़ने के साथ थोड़ी धूप जरूर निकली, लेकिन बारिश का असर ऐसा था कि तापमान में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई। आंकड़ों की बात करें तो अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
शहर के लोग तो राहत महसूस कर ही रहे थे, लेकिन जिले के ग्रामीण इलाकों में बारिश का जोर कहीं ज्यादा था। कहीं सड़कें पानी से भर गईं तो कहीं खेतों को भरपूर पानी मिला।
सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.
9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राहत तो मिली, लेकिन धूप और बादलों की लुका-छिपी की वजह से बीच-बीच में उमस ने लोगों को थोड़ा परेशान जरूर किया।
विभिन्न इलाकों में बारिश का आंकड़ा
अगर हम आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि जिले के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रही। शहरी क्षेत्र में 49.
1 मिमी बारिश हुई, लेकिन असली धमाका कसबा और बनमनखी जैसे इलाकों में हुआ। बारिश के वितरण का ब्योरा कुछ इस तरह है:
- कसबा: यहाँ सबसे ज्यादा 104.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
- बनमनखी: यहाँ 82.2 मिमी बारिश हुई।
- श्रीनगर: यहाँ 81.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
- बैसा: यहाँ 68.2 मिमी बारिश हुई।
- केनगर: यहाँ 55.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग का विश्लेषण और पूर्वानुमान
इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्णिया मौसम केंद्र के वैज्ञानिक सहायक राकेश कुमार ने विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से मानसून की रफ्तार में तेजी आई है।
इसी वजह से रविवार रात को मौसम का मिजाज बदला और जिले के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई। हालांकि, रुपौली और भवानीपुर जैसे कुछ इलाके इस बार इस भारी बारिश से अछूते रहे।
राकेश कुमार के मुताबिक, बारिश की वजह से ही तापमान में 2 डिग्री की गिरावट आई है। वायुमंडल की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह हवा में नमी यानी आद्रता 80 प्रतिशत थी, जो शाम तक घटकर 76 प्रतिशत रह गई।
दिन में बीच-बीच में निकली धूप ने उमस का माहौल तो बनाया, लेकिन समग्र रूप से मौसम सुहावना रहा।
अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा? मौसम विभाग ने आने वाले 48 घंटों के लिए भी पूर्वानुमान जारी कर दिया है। विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही बना रहेगा और जिले के अधिकांश इलाकों में बारिश होने की पूरी संभावना है।

