एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले के कूड़ा गांव में इन दिनों सब कुछ बदल सा गया है। जहां कुछ दिनों पहले सामूहिक भागवत कथा की तैयारियां चल रही थीं, भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि गूंजनी थी और श्रद्धा का माहौल बनना था, वहां अब खामोशी है। भक्ति के इस माहौल को उपद्रवियों की बंदूक और दबंगई ने ऐसा दूषित किया कि गांव में अब दहशत पसरी है। कथा का आयोजन टाल दिया गया है, भंडारे की तैयारी धरी की धरी रह गई है और गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। चंद दबंगों की हरकतों ने न सिर्फ एक धार्मिक आयोजन को भंग किया, बल्कि गांव के शांतिपूर्ण माहौल को भी छीन लिया है। यह सब शुरू हुआ कुछ दिन पहले, जब कुछ लोगों ने कथा पंडाल में ट्रैक्टरों के साथ घुसकर स्टंटबाजी और फायरिंग की। बात यहीं नहीं रुकी, बल्कि फिर एक युवक को गोली मारकर घायल कर दिया गया, जिसके बाद पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और गांव में तनाव बरकरार है।
ग्रामीणों के मुताबिक, इस घटना की नींव 24 जून को ही पड़ गई थी। उस दिन भागवत कथा का आयोजन चल रहा था और गांव में भक्ति का माहौल था।
आरोप है कि गांव के ही कुछ लड़के, जिनके नाम प्रदीप, हरदौल और विक्रांत बताए जा रहे हैं, ट्रैक्टर लेकर कथा पंडाल में घुस आए। उन्होंने पंडाल के भीतर और आसपास न सिर्फ ट्रैक्टरों से स्टंटबाजी की, बल्कि हवा में फायरिंग कर दहशत भी फैलाई।
यह सब एक पवित्र आयोजन के बीच हुआ, जिससे पूरा गांव सन्न रह गया। आरोप है कि इस दौरान ग्राम प्रधान भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन दबंगों की हरकतों पर लगाम नहीं लग पाई।
भक्ति के पंडाल में बेअदबी का बखेड़ा
24 जून की शाम का वो मंजर गांववालों की यादों में अभी भी ताजा है। भागवत कथा का आयोजन चल रहा था, लोग श्रद्धा में लीन थे।
तभी अचानक ट्रैक्टरों के इंजन की तेज आवाजें और फिर धड़-धड़ की आवाज़ के साथ हवा में गोलियां चलने लगीं। गांव के प्रदीप, हरदौल और विक्रांत नाम के युवकों पर आरोप है कि उन्होंने ट्रैक्टरों को पंडाल के पास ऐसे चलाया जैसे कोई खतरनाक स्टंट कर रहे हों।
इस स्टंटबाजी के दौरान कुछ राउंड फायरिंग भी की गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। जो लोग भजन-कीर्तन और कथा सुनने आए थे, वे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
एक धार्मिक आयोजन को इस तरह से बाधित करना और उसमें दहशत फैलाना अपने आप में एक गंभीर बात थी, जिसने गांव में एक अलग ही तरह का तनाव पैदा कर दिया था।
भंडारे के सामान पर भी दबंगई
यह सब कुछ ऐसे लोगों की दबंगई की कहानी है जो गांव के माहौल को बिगाड़ने पर तुले हुए थे। पंडाल में दहशत फैलाने के एक दिन बाद, यानी 25 जून को भी उपद्रवियों का दुस्साहस कम नहीं हुआ।
भागवत कथा समिति के सदस्य भंडारे के लिए सामान खरीदने बाजार गए थे। जब वे खरीदारी करके वापस गांव लौट रहे थे, तब आरोप है कि उन्हीं उपद्रवी लड़कों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और खदेड़ दिया।
भंडारे का पवित्र काम, जिसमें हर कोई सहयोग करता है, उसे भी इस तरह से रोकना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। यह घटना दर्शाती है कि इन दबंगों में पुलिस या कानून का कोई खौफ नहीं था और वे अपनी मनमानी कर रहे थे।
स्कूल मोड़ पर खून-खराबा: जब आलोक को लगी गोली
दबंगई की इन घटनाओं का चरम अगले दिन यानी 26 जून की शाम को देखने को मिला। गांव में तनाव का माहौल पहले से था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि बात गोलीकांड तक पहुंच जाएगी।
रात के समय, 21 साल का आलोक, जो ओमकार सिंह का बेटा है, अपनी बाइक से नंदिनी गेस्ट हाउस में एक दावत खाने जा रहा था। यह एक सामान्य सी बात थी, एक युवक अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा निभाने निकला था।
लेकिन गांव कूड़ा स्थित भागवत पंडाल के पास, स्कूल मोड़ पर उसे अचानक रोक लिया गया। आलोक के भाई राहुल ने नया गांव थाने में दी गई अपनी तहरीर में बताया है कि वहां गजेंद्र, संदीप, दिनेश, उपेंद्र, राजीव और अखिलेश ने उसके भाई को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
गोलीबारी के इस मंजर में आलोक बुरी तरह घायल हो गया। राहुल ने अपनी तहरीर में यह भी बताया है कि फायरिंग के दौरान उसके भाई के दोस्त प्रदीप और विक्रांत भी मौके पर पहुंच गए थे और इसी दौरान आलोक को गोली लगी।
यह गौर करने वाली बात है कि प्रदीप और विक्रांत के नाम उन लोगों में भी शामिल हैं, जिन पर 24 जून को कथा पंडाल में उपद्रव फैलाने का आरोप है। घायल आलोक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस की कड़ी निगरानी
गोलीकांड के बाद से कूड़ा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। जहां भक्ति और उत्साह होना चाहिए था, वहां डर और खामोशी है।
सुरक्षा के मद्देनजर गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो।
घटना के छह दिन बाद भी गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पहले आरोपियों ने धमकी दी और फिर गाड़ियों व ट्रैक्टर के साथ पहुंचकर फायरिंग की।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भागवत कथा का स्थल, जहां अब तक कंस वध कार्यक्रम के लिए कलश रखा है और भंडारे का सामान भी ज्यों का त्यों पड़ा है, एक अधूरी कहानी बयान कर रहा है।
आयोजन स्थगित हो चुका है और लोग इस बात से दुखी हैं कि उनके धार्मिक अनुष्ठान को इस तरह से बीच में रोक देना पड़ा।
आरोपों का दौर और पुलिस की जांच
इस पूरे मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जिससे जांच और भी जटिल हो गई है। राहुल की तहरीर पर पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
नया गांव थाना पुलिस का कहना है कि उन्होंने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गांव में शांति बनाए रखने और सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है, लेकिन ग्रामीणों के मन से दहशत अभी गई नहीं है।

