शिमला: हिमाचल में मौसम अब अपनी नई पारी खेलने को तैयार है। बीते कुछ दिनों से जो गर्मी हल्की-फुल्की परेशान कर रही थी, वो अब इतिहास बनने वाली है क्योंकि देवभूमि में मॉनसून ने पूरी तरह से दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए बारिश का ऐसा फरमान जारी किया है, जिससे लगता है कि आसमान से पानी नहीं, बल्कि साक्षात 'कूल-कूल' माहौल बरसने वाला है। अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं या पहाड़ों में रहते हैं, तो जरा संभलकर रहिएगा, क्योंकि अगले छह दिन तक यहां बादलों की खूब गर्जन और बारिश का जोर रहने वाला है। मौसम विभाग ने 6 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि इन दिनों में घरों से निकलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है और सफर करने वालों को खास सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
दरअसल, हिमाचल प्रदेश के छह जिलों में तो मॉनसून ने अपनी जोरदार एंट्री कर ली है और बाकी बचे जिलों में भी आज या कल में इसकी आमद हो जाएगी। बीती रात से ही राज्य के कई हिस्सों में हल्की-फुल्की बारिश शुरू हो चुकी है, जो आने वाले तूफानी मौसम का बस एक ट्रेलर भर है।
इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने कल से अगले 72 घंटों के लिए कुछेक इलाकों में भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी खास तौर पर एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
IMD के मौसम विशेषज्ञों की मानें तो राज्य में अगले छह दिनों तक बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
मॉनसून ने कहां-कहां दी दस्तक?
तो चलिए, सबसे पहले ये जानते हैं कि मॉनसून ने किन-किन इलाकों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के हिसाब से, पूरे किन्नौर जिले को तो मॉनसून ने पूरी तरह से कवर कर लिया है।
इसके अलावा कुल्लू और लाहौल-स्पीति के ज्यादातर इलाकों में भी मॉनसून की बारिश शुरू हो गई है। राजधानी शिमला के कुछ हिस्सों में भी बादलों का डेरा जम चुका है।
मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिलों के भी कुछेक इलाकों में मॉनसून ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। इसका मतलब है कि हिमाचल का बड़ा हिस्सा अब मॉनसून की फुहारों से सराबोर होने वाला है।
अगले 72 घंटे का मौसम का हाल
आज की बात करें तो किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर राज्य के बाकी सभी जिलों में तेज बारिश और तूफान का 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के लिए खास अलर्ट है, जहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का अनुमान है।
तो, अगर आप इन इलाकों में हैं, तो जरा हवा की स्पीड पर ध्यान रखिएगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में आज रात से वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ज्यादा मजबूत होकर बरसेगा। इसका सीधा असर 2 जुलाई को देखने को मिलेगा, जब मैदानी और निचले इलाकों में कुछेक जगहों पर भारी बारिश के आसार हैं।
IMD ने 2 जुलाई के लिए भी खास तौर पर चेतावनियां जारी की हैं। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि इन जिलों में सबसे ज्यादा भारी बारिश की संभावना है।
वहीं, शिमला, सोलन, कुल्लू, सिरमौर और चंबा जिलों के लिए 'यलो अलर्ट' रहेगा, जिसका अर्थ है कि यहां भी बारिश का जोर रहेगा, लेकिन थोड़ी कम तीव्रता से।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खास सलाह
जब भी पहाड़ों में मौसम बिगड़ता है, तो सावधान रहना बेहद जरूरी हो जाता है। मौसम विभाग ने सभी लोगों से, चाहे वे स्थानीय हों या फिर घूमने आए पर्यटक, खराब मौसम के दौरान अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है।
प्रशासन ने कुछ खास हिदायतें जारी की हैं, जिन पर अमल करना जान बचाने जैसा हो सकता है।
- नदी-नालों से दूरी: लोगों को नदी-नालों के आसपास जाने से सख्ती से मना किया गया है। बारिश में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और बहाव भी तेज हो सकता है, जो खतरनाक साबित हो सकता है।
- भूस्खलन संभावित क्षेत्र: भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड के लिए जाने जाने वाले इलाकों से दूर रहें। बारिश में चट्टानें खिसकने का खतरा बढ़ जाता है।
- अनावश्यक यात्रा से बचें: ऊंचाई वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करें। अगर बहुत जरूरी न हो, तो पहाड़ों में सफर टाल दें।
- मौसम की स्थिति पर नजर: पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लगातार मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। किसी भी अपडेट के लिए विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लेते रहें।
पहाड़ों में गिरेगा पारा
बारिश के इस दौर के साथ ही तापमान में भी अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है। IMD के अनुसार, राज्य में अगले तीन-चार दिनों के दौरान रात के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
वहीं, दिन के अधिकतम तापमान में भी तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। अभी ज्यादातर शहरों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में यह सामान्य से नीचे जाने वाला है।
तो, ठंडक का अनुभव करने के लिए तैयार हो जाइए। यह मॉनसून सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि अपने साथ ठंडी हवाएं और सुहाना मौसम भी लेकर आ रहा है।
उम्मीद है कि यह बारिश किसानों के लिए भी अच्छी खबर लाएगी और पानी की कमी को पूरा करेगी। लेकिन सावधानी सबसे ऊपर है, तो मॉनसून का मजा लें, पर सुरक्षित रहते हुए।

