नालंदा: गुरुवार की सुबह, बिहार के नालंदा जिले की सड़कें अभी पूरी तरह जागी भी नहीं थीं कि बिहार शरीफ-दनियावां मुख्य मार्ग पर एक ऐसा मंजर सामने आया, जिसने देखने वालों की रूह कंपा दी। हाईवे पर दो बड़े-बड़े ट्रक एक-दूसरे से ऐसे भिड़ गए, जैसे किसी ने जानबूझकर पहाड़ को पहाड़ से टकरा दिया हो। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक ट्रक दूसरे के ऊपर चढ़ गया, जिसे देखकर लग रहा था मानो किसी महाबली ने उन्हें उठाकर एक-दूसरे पर पटक दिया हो। इस भीषण सड़क हादसे में दोनों ट्रकों के ड्राइवर बुरी तरह घायल हो गए।
सुबह का धुंधलका और सड़क पर बिखरा मलबा, गाड़ियों का विकृत रूप..
. ये सब देखकर जो लोग वहां पहुंचे, उनके होश उड़ गए।
शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि इस भयानक टक्कर की वजह किसी ड्राइवर को आई झपकी थी। एक पल की चूक और जिंदगी भर का दर्द।
यह दुर्घटना दिखाती है कि कैसे सड़क पर एक छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी तबाही ला सकती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह घटना गुरुवार की भोर में हुई। उस वक्त इक्का-दुक्का लोग ही सड़क पर थे।
अचानक तेज धमाके की आवाज आई और जब लोग आवाज की दिशा में भागे, तो वहां का नजारा किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं था। एक ट्रक जो झारखंड के तिलैया से फतुहा की ओर जा रहा था, और दूसरा जो बिहार शरीफ की तरफ आ रहा था, दोनों आमने-सामने आ गए।
ट्रकों की हालत देखकर साफ लग रहा था कि टक्कर कितनी भयानक रही होगी। ट्रकों के अगले हिस्से पूरी तरह से चिपक गए थे और मलबे का ढेर बन गए थे।
घटना का भयावह दृश्य और राहत कार्य
हादसा इतना भयंकर था कि दोनों ट्रकों के केबिन बुरी तरह पिचक गए थे। ड्राइवर अंदर ही फंसे हुए थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे।
घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि गाड़ी से डीजल और तेल रिस रहा था, जिससे आग लगने का भी खतरा था। बिना वक्त गंवाए, आसपास के लोगों ने हिम्मत जुटाई और फौरन राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया।
उन्होंने पुलिस को भी सूचना दी, ताकि जल्द से जल्द मदद पहुंच सके।
नूरसराय थाना की पुलिस टीम को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, बिना एक पल गंवाए वो फौरन मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
ये काम आसान नहीं था। ट्रकों के मलबे में फंसे ड्राइवरों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल साबित हो रहा था।
कई घंटों की मशक्कत और कड़ी मेहनत के बाद, आखिरकार दोनों घायल चालकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत नूरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
सड़क पर जाम और यातायात बहाली
इस भयानक दुर्घटना का असर सिर्फ ड्राइवरों तक ही सीमित नहीं रहा। टक्कर के बाद दोनों क्षतिग्रस्त ट्रक सड़क के बीचों-बीच ही खड़े हो गए थे, जिससे बिहार शरीफ-दनियावां मुख्य मार्ग पर भारी जाम लग गया।
सुबह-सुबह ऑफिस जाने वाले और अपने काम पर निकलने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।
पुलिस के सामने घायलों को निकालने के साथ-साथ सड़क को दोबारा सुचारू करना भी एक बड़ी चुनौती थी। नूरसराय पुलिस ने मोर्चा संभाला।
उन्होंने तुरंत क्रेन मंगवाई और उसकी मदद से क्षतिग्रस्त ट्रकों को सड़क के किनारे हटवाया। कड़ी मशक्कत के बाद, आखिरकार सड़क को साफ किया गया और धीरे-धीरे यातायात बहाल हो पाया।
इस पूरी प्रक्रिया में कई घंटे लग गए, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से बड़ी परेशानी टल गई।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
नूरसराय थाने के एएसआई शंभू कुमार ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने तत्परता से काम किया और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
वहीं, नूरसराय थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने इस पूरे मामले पर बयान देते हुए कहा कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी और तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था।
थानाध्यक्ष ने बताया कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “फिलहाल घायल चालकों का इलाज चल रहा है।
जैसे ही पीड़ित पक्ष की तरफ से इस संबंध में कोई आवेदन मिलेगा, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस ने साफ किया कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल, दोनों घायल ड्राइवर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं और उनके परिजन बेसब्री से उनके स्वस्थ होने का इंतजार कर रहे हैं।

