मुंबई: बॉलीवुड में इन दिनों एक फिल्म के टीजर ने ऐसा बवाल काटा है कि सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर जगह उसकी गूँज सुनाई पड़ रही है। हम बात कर रहे हैं अजय देवगन की आने वाली फिल्म 'चौहान' की, जिसका टीजर हाल ही में रिलीज हुआ। रिलीज होते ही इस टीजर के एक डायलॉग और कश्मीर को लेकर दिखाए गए कुछ दृश्यों पर ज़बरदस्त बहस छिड़ गई है। खासकर, एक दमदार आवाज़ में बोला गया डायलॉग – “पठानों से कह दो, चौहान आ गया है” – इसने मानो आग में घी डालने का काम किया है।
इस डायलॉग को लेकर ‘क्षत्रिय परिषद’ नाम के एक संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि हमारे इतिहास और विरासत को किसी भी तरह से सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का जरिया नहीं बनाना चाहिए।
संगठन ने फिल्म बनाने वालों से अपील की है कि वे 'राजपूत' नाम का इस्तेमाल किसी भी जातिगत या सांप्रदायिक भावना को भड़काने के लिए न करें। उनका कहना है कि ये गैर-जिम्मेदाराना हरकत है, जो न सिर्फ इतिहास का अपमान करती है, बल्कि समाज में विभाजन भी पैदा करती है।
फिल्म का टीजर और आग उगलती प्रतिक्रिया
अजय देवगन की फिल्म 'चौहान' का टीजर 25 जून को ही जारी हुआ था। इसमें अजय देवगन की आवाज़ में जो डायलॉग है, वो है: “पठानों से कह दो, चौहान आ गया है।
” अब बस इसी एक लाइन ने कुछ लोगों को सीधे निशाने पर ले लिया है, जिन्होंने इसे धार्मिक विभाजन बढ़ाने की कोशिश बताया। इतना ही नहीं, टीजर में कश्मीर के संघर्ष को जिस तरह से दिखाया गया है, और पैलेट गन को 'कम नुकसान' पहुँचाने वाला हथियार बताया गया है, उस पर भी सोशल मीडिया पर खूब हंगामा मचा है।
लोग कह रहे हैं कि ये तो इतिहास को अपनी सहूलियत के हिसाब से मोड़ना है, जो ठीक नहीं।
क्षत्रिय परिषद की दो टूक: इतिहास को सांप्रदायिक रंग न दें
क्षत्रिय परिषद ने एक लंबा-चौड़ा बयान जारी कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि इतिहास हमेशा जटिल होता है और हमें उसकी इज़्ज़त करनी चाहिए।
राजपूतों की विरासत का इस्तेमाल किसी भी तरह से राजनीतिक या वैचारिक मकसद से नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि 'चौहान' जैसे कुलनाम का इस्तेमाल आज की सांप्रदायिक राजनीति के लिए करना बिल्कुल भी मंज़ूर नहीं है।
परिषद ने इस बात पर भी जोर दिया कि जब मुख्यधारा की मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं में राजपूत समुदाय की आवाज़ पहले से ही कम सुनाई देती है, ऐसे में किसी राजपूत कुलनाम का इस्तेमाल सिर्फ विवाद पैदा करने, जातीय या सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने या कोई राजनीतिक माहौल बनाने के लिए करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना और अपमानजनक है। उनके मुताबिक, भारतीय इतिहास को कभी भी सांप्रदायिक नज़रिए से नहीं देखा जा सकता।
यह बयान साफ करता है कि संगठन इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से ले रहा है।
इतिहास के उदाहरणों से समझाया गठबंधन का गणित
अपनी बात को और दमदार बनाने के लिए क्षत्रिय परिषद ने इतिहास के कई पन्ने भी पलटे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय इतिहास में कई ऐसे मौके आए हैं, जब राजपूत और पठान कंधे से कंधा मिलाकर लड़े हैं।
कुछ उदाहरण भी दिए गए हैं, जो वाकई सोचने पर मजबूर करते हैं:
- खानवा का युद्ध: इसमें महाराणा सांगा के नेतृत्व में महमूद लोदी ने राजपूतों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी। यह दिखाता है कि उस दौर में सिर्फ धर्म के आधार पर दुश्मनियाँ नहीं थीं।
- हल्दीघाटी का युद्ध: महाराणा प्रताप की सेना में हकीम खान सूर जैसे जांबाज सेनापति थे, जो उनके सबसे भरोसेमंद साथियों में से एक थे।
- शेरशाह सूरी और राजा रायसल शेखावत: फरीद खान, जो बाद में शेरशाह सूरी के नाम से मशहूर हुए, उनका राजा रायसल शेखावत से गहरा जुड़ाव था।
- प्रथम पानीपत का युद्ध: इसमें महाराजा विक्रमादित्य तोमर ने लोदी सेना के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी।
संगठन का कहना है कि ये सारे उदाहरण इस बात का सबूत हैं कि मध्यकालीन भारत में राजनीतिक गठबंधन शासन, वफादारी और सैन्य रणनीति के आधार पर बनते थे, न कि उन सांप्रदायिक नज़रियों पर जो आज थोपे जा रहे हैं। उनका मानना है कि फिल्म इन ऐतिहासिक सच्चाइयों को अनदेखा कर रही है और गलत संदेश दे रही है।
पैलेट गन पर विवाद और स्वरा भास्कर का पलटवार
फिल्म के टीजर में सिर्फ डायलॉग ही नहीं, भीड़ को काबू करने के लिए इस्तेमाल होने वाली पैलेट गन को 'कम नुकसान' पहुँचाने वाला हथियार बताने पर भी खूब हंगामा मचा है। एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने इस पर तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कश्मीर में पैलेट गन से पीड़ित सबसे कम उम्र के बच्चे से जुड़ी एक खबर शेयर की और लिखा कि पैलेट गन 'कम नुकसान' नहीं पहुँचाती, बल्कि यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। स्वरा यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर के मुख्यधारा के लोग 'पठान' नहीं हैं, और अपनी पोस्ट के साथ ‘विवेक अग्निहोत्री-फिकेशन ऑफ बॉलीवुड’ हैशटैग भी लगाया, जो शायद फिल्म के मेकर्स पर निशाना था।
इन विवादों के बीच, 'चौहान' फिल्म की रिलीज डेट 1 अक्टूबर तय की गई है। इस फिल्म को जियो स्टूडियोज और कलर येलो प्रोडक्शंस के बैनर तले ज्योति देशपांडे, आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा ने मिलकर बनाया है।
अब देखना होगा कि रिलीज के बाद यह फिल्म और कितने नए विवादों को जन्म देती है, और मेकर्स इन आपत्तियों पर क्या सफाई देते हैं।

