मुंबई: चमकती लाइटें थीं, कैमरे थे और हर तरफ से आती आवाज़ें। मुंबई में हुए गोल्ड स्ट्रीमिंग अवॉर्ड्स की महफ़िल सजी थी। हर कोई अपने अवॉर्ड के साथ मुस्कुराते हुए कैमरे को पोज़ दे रहा था। लेकिन तभी अचानक माहौल में एक अजीब सा तनाव घुल गया। अवॉर्ड लेकर निकल रही थीं जानी-मानी एक्ट्रेस नेहा धूपिया। उन्हें घेर लिया गया और कुछ पल बाद ही उनकी आवाज़ में गुस्सा सुनाई दिया, जो सिर्फ उन कैमरों के फ्लैश तक सीमित नहीं था, बल्कि सीधे उन लोगों पर बरस रहा था, जो बिना इजाज़त के उनकी हर हरकत को रिकॉर्ड कर रहे थे। ये सिर्फ नेहा का गुस्सा नहीं था, ये बॉलीवुड में 'सेलिब्रिटी प्राइवेसी' की उस पुरानी बहस का एक नया अध्याय था, जिसकी आग कई सालों से सुलग रही है।
मामला कुछ यूं था कि नेहा धूपिया अपना अवॉर्ड लेकर बाहर निकल रही थीं। पैपराजी के झुंड ने उन्हें घेर रखा था। इसी दौरान, उनके ग्रे हेयर पर कुछ कमेंट हुआ, जिस पर नेहा ने पहले पलटकर जवाब दिया। लेकिन असली आग तब भड़की जब बात गलत एंगल से वीडियो बनाने की आई। नेहा ने सीधे शब्दों में कहा, "बोल लिया? कर लिया? ये बदतमीजी से बैक शॉट कौन लेता है तुम लोगों में से? कौन लेता है? छापता कौन है? मत करो। मेरा नहीं करना है, किसी का नहीं करना है। बोल-बोलकर थक गए हैं।" नेहा की आवाज़ में एक गहरी हताशा और बरसों की खीझ साफ झलक रही थी।
नेहा ने सिर्फ अपनी बात नहीं रखी, उन्होंने इस चलन को पूरी तरह बंद करने की बात कही। उन्होंने साफ किया कि सेलेब्रिटी होना मतलब ये नहीं कि कोई भी उनकी निजी ज़िंदगी में तांक-झांक करे या बिना उनकी मर्ज़ी के वीडियो बनाए। उन्होंने आगे कहा, "हम लोगों का काम नहीं है ये। हम बाहर आते हैं, तो आप लोग वहां ये सब करते हैं, बैग उठाकर, बुक उठाकर, पीछे से चलते हुए, ये सब नहीं चलेगा अभी। बंद करो ये सब। बहुत इज्जत से आप लोगों से बात करते हैं, ये सब मत करो। मत करो, बिल्कुल ये सब मत करो।" ये बात नेहा ने भले ही सम्मान से कही हो, लेकिन उनके लहजे में साफ था कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है और इस पर लगाम लगाना बेहद ज़रूरी है।
नेहा के गुस्से की वजह और पहले का वीडियो
नेहा धूपिया की ये भड़ास कोई अचानक या सिर्फ एक दिन की नहीं थी, बल्कि इसकी जड़ें कुछ समय पहले वायरल हुए एक वीडियो में थीं। दरअसल, कुछ वक़्त पहले नेहा धूपिया अपनी दोस्त सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल के साथ जॉगिंग करते हुए नज़र आई थीं।
उस वीडियो में भी उनके 'बैक शॉट' का इस्तेमाल किया गया था, जिसे लेकर उन्हें बेहद असहजता महसूस हुई होगी। ये सिर्फ नेहा का मामला नहीं है।
बॉलीवुड में कई एक्ट्रेसेस ऐसी हैं, जो पैपराजी के इस रवैये से परेशान हैं और समय-समय पर अपनी नाराजगी जाहिर करती रही हैं। ऐसा लगता है कि सेलेब्रिटीज की ज़िंदगी को 'मसालेदार' बनाने की होड़ में कई बार पत्रकारिता के एथिक्स और निजी सम्मान की धज्जियां उड़ाई जाती हैं, जिसका खामियाजा अक्सर एक्ट्रेसेस को भुगतना पड़ता है।
मलाइका अरोड़ा ने भी पैपराजी को लगाई थी फटकार
नेहा धूपिया से पहले, बॉलीवुड की फिटनेस और स्टाइल आइकॉन मलाइका अरोड़ा भी पैपराजी पर अपना गुस्सा निकाल चुकी हैं। ये मामला एक इवेंट के बाद का था, जब मलाइका किसी शख्स से बात कर रही थीं। लेकिन पैपराजी का झुंड उनकी बात सुनने और वीडियो बनाने में इतना मशगूल था कि उन्होंने प्राइवेसी का ज़रा भी ख्याल नहीं रखा। इस पर मलाइका भी भड़क उठी थीं और उन्होंने सीधे तौर पर कहा था, "इधर ही आ जाओ।" उनका ये वीडियो भी खूब वायरल हुआ था, जिसने एक बार फिर इस बहस को छेड़ दिया था कि आखिर सेलेब्रिटीज को भी एक निजी जगह और सम्मान का हक क्यों नहीं है? उन्हें भी आम लोगों की तरह ही अपनी प्राइवेसी का अधिकार मिलना चाहिए।
जान्हवी कपूर की बात: गलत एंगल से कवर फोटो
इस गंभीर मुद्दे पर एक्ट्रेस जान्हवी कपूर ने भी इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में खुलकर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि पैपराजियों को एक्ट्रेसेस की प्राइवेसी का सम्मान करना चाहिए। जान्हवी ने स्वीकार किया कि कुछ पैपराजी ऐसा करते हैं, लेकिन कुछ पैपराजी बिल्कुल इसका ख्याल नहीं रखते। उनकी सबसे बड़ी शिकायत ये थी कि कई बार सामान्य वीडियो में भी गलत एंगल से खींची गई तस्वीरों को 'कवर फोटो' के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, जिससे वो वीडियो या खबर बेवजह सनसनीखेज बन जाती है। उनके मुताबिक, "खासकर ऐसा तब होता है जब वो वीडियो किसी एक्ट्रेस का हो।" ये साफ तौर पर दिखाता है कि कैसे एक महिला सेलेब्रिटी को जानबूझकर सिर्फ 'कंटेंट' के तौर पर देखा जाता है, न कि एक इंसान के तौर पर।
नेहा शर्मा का 'चिंताजनक' फ्रीडम वाला बयान
एक्ट्रेस नेहा शर्मा ने भी इस 'गलत एंगल' वाले ट्रेंड पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की थी। उनका कहना था कि कई बार ऐसे दिन आते हैं जब आप नहीं चाहते कि कोई आपको देखे या आपकी तस्वीरें ले, और उस समय ब्रेक लेना स्वाभाविक है। लेकिन जब बात गलत एंगल से फोटो खींचे जाने की आती है, तो यह "काफी गलत और चिंताजनक है।" नेहा शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि इससे एक महिला होने के नाते आप ये आज़ादी खो देते हो कि आप कैसे कपड़े पहनना चाहते हो। उन्होंने कहा कि अगर आप पब्लिक फिगर हो तो आपको बेहद सावधान रहना पड़ता है, क्योंकि कई बार चीजें हाथ से निकल जाती हैं और आपकी निजी ज़िंदगी की सीमाएं पूरी तरह से खत्म हो जाती हैं।
मोना सिंह: 'डिस्टर्बिंग' फोकस और लैंगिक भेदभाव का सवाल
एक्ट्रेस मोना सिंह ने इस मुद्दे पर सबसे तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने सीधे तौर पर पैपराजी पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं के शरीर पर गलत जगह फोकस करते हैं, जो "बेहद डिस्टर्बिंग है।" मोना ने एक बहुत ही वाजिब सवाल उठाया: "क्या वे किसी मेल एक्टर की इस तरह गलत एंगल से फोटो लेते हैं? नहीं न लेकिन हर महिला के साथ वो ऐसा ही करते हैं।" उनका ये सवाल सीधा-सीधा इस बात पर उंगली उठाता है कि पैपराजी के इस रवैये में एक गहरा लैंगिक भेदभाव भी छिपा है। मोना ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, "जब भी किसी इवेंट या फंक्शन में जाओ तो बाद में फिर खुद के इस तरह के वीडियो देखने को मिलते हैं। मुझे लगता है कि हर महिला को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। पैपराजी जो कर रहे हैं, वो कूल नहीं है। ऐसा लगता है कि बस वो किसी वार्डरोब मालफंक्शन की ताक में रहते हैं।"
ये सारी बातें दिखाती हैं कि नेहा धूपिया का गुस्सा सिर्फ एक दिन की भड़ास नहीं थी, बल्कि यह सालों से चली आ रही एक समस्या का प्रतिबिंब है, जहां सेलेब्रिटी महिलाओं को अक्सर उनके काम से ज़्यादा उनके पहनावे या शारीरिक बनावट के लिए परखा जाता है। बॉलीवुड एक्ट्रेसेस, चाहे वो कितनी भी प्रसिद्ध क्यों न हों, आखिर में इंसान हैं और उन्हें भी सम्मान और प्राइवेसी का उतना ही हक है, जितना किसी आम नागरिक को।
अब देखना होगा कि पैपराजी और सेलेब्रिटीज के बीच का ये झगड़ा कब तक चलेगा और क्या कभी इसका कोई स्थायी समाधान निकल पाएगा, या फिर ये बहस ऐसे ही समय-समय पर सुलगती रहेगी।

