मुंबई: फ़िल्मी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया के हर कोने तक, जहां स्टार्स की चमक धमक की बातें होती हैं, वहीं कभी-कभी पुराने किस्से भी धूल झाड़कर फिर से ताजा हो जाते हैं. इस बार मुद्दा फिर वही है, जिसका जन्म के साथ ही बवाल कट गया था – नाम, तैमूर अली खान का. सैफ अली खान के एक ताज़ा इंटरव्यू ने सोशल मीडिया पर अचानक से हलचल मचा दी है, और इस बार कहानी में ट्विस्ट ये है कि लोग अब सैफ और करीना कपूर खान के पुराने बयानों को खंगालकर उनकी तुलना कर रहे हैं. क्या तैमूर के नाम को लेकर सैफ और करीना के बयानों में वाकई कोई विरोधाभास था? चलिए, आज इसी पर गहराई से बात करते हैं.
असल में हुआ ये कि हाल ही में एक जाने-माने इंटरव्यू में सैफ अली खान ने अपने बड़े बेटे तैमूर के नामकरण को लेकर खुलकर बात की. उनका ये बयान आते ही इंटरनेट पर तूफान सा आ गया.
सैफ ने जो बातें कहीं, उन्हें लोगों ने करीना के एक पुराने इंटरव्यू से जोड़ना शुरू कर दिया, जिसके बाद ये बहस तेज़ हो गई कि आखिर तैमूर का नाम 'तैमूर' ही क्यों रखा गया और क्या सैफ-करीना इस पर एकमत थे या नहीं.
नाम के पीछे की नई कहानी: सैफ का हालिया बयान
बरखा दत्त के साथ बातचीत में सैफ अली खान ने तैमूर के नाम पर मचे बवाल को लेकर अपनी हैरानी जताई. उन्होंने कहा, "सच कहूं तो मुझे आज तक समझ नहीं आया कि इस नाम को लेकर इतना हंगामा क्यों हुआ.
बचपन में हमारे पड़ोस में भी इसी नाम का एक बच्चा रहता था. मुझे तो हमेशा लगा कि इस नाम का मतलब 'आयरन' (लोहा) होता है.
" सैफ ने आगे बताया कि उन्हें और करीना को ये नाम अच्छा लगा, इसलिए उन्होंने इसे चुना. उन्होंने साफ़ किया कि उन्हें ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि कुछ लोग इसे भारत पर हमला करने वाले एक पुराने तुर्क शासक के नाम से जोड़ेंगे और इसे नकारात्मक मानेंगे.
सैफ ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा, "मेरा मानना है कि इतनी पुरानी बातों को अब छोड़ देना चाहिए. जब हमने अपने बेटे का नाम रखा था, तब हमारे दिमाग में ऐसा कोई भी विचार नहीं था.
" उन्होंने उम्मीद जताई कि तैमूर एक अच्छा इंसान बने, सही संस्कारों के साथ बड़ा हो और अपने काम से लोगों का नाम रोशन करे. उनका ये बयान एक पिता के तौर पर तैमूर के भविष्य को लेकर उनकी चाहत को दर्शाता है, न कि किसी ऐतिहासिक जुड़ाव को.
करीना का पुराना इंटरव्यू; क्या दोनों के बयान अलग-अलग हैं?
सैफ के इस ताज़ा बयान के बाद सोशल मीडिया पर करीना कपूर के एक पुराने इंटरव्यू की क्लिप तेज़ी से वायरल होने लगी. कई यूज़र्स ने तो यहाँ तक दावा कर दिया कि तैमूर के नाम को लेकर सैफ और करीना के बयान बिल्कुल अलग-अलग हैं और दोनों के बीच कोई तालमेल नहीं है.
इन दावों ने इस पुरानी बहस को फिर से हवा दे दी.
दरअसल, वायरल हो रही क्लिप में जब करीना से पूछा गया था कि तैमूर का नाम किसने रखा, तो उन्होंने कहा था, "ज़ाहिर है, यह सैफ ही थे. उन्हें इतिहास बहुत पसंद है.
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जिन योद्धाओं को वे पसंद करते हैं, उनके बारे में वे बहुत अच्छी तरह और विस्तार से बात करते हैं. वे उनके बारे में पढ़ते भी हैं और मुझे लगता है कि वे मंगोल तैमूर के फैन थे.
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" पहली नज़र में यह बयान सैफ के हालिया बयान से थोड़ा अलग लग सकता है, जहां सैफ ने ऐतिहासिक संबंध से पूरी तरह इनकार किया है.
लेकिन, कहानी में एक बड़ा "लेकिन" है. उसी इंटरव्यू में करीना ने भी 'पड़ोसी वाली बात' दोहराई थी.
एक्ट्रेस ने बताया था कि सैफ के पड़ोस में तैमूर नाम का एक लड़का रहता था, जिससे वे प्रभावित थे और यह नाम उनके ज़हन में रह गया था. उन्होंने यह भी कहा था कि 'तैमूर' का मतलब 'लोहा' होता है और उन्हें यह नाम मज़बूत व्यक्तित्व का प्रतीक लगा.
इसी वजह से उन्होंने अपने बेटे के लिए यह नाम चुना. तो ज़ाहिर है, दोनों की बातें दरअसल एक दूसरे से पूरी तरह मेल खाती हैं.
सैफ को इतिहास पसंद हो सकता है, लेकिन तैमूर नाम चुनने के पीछे उनके ज़हन में पड़ोसी का बच्चा और नाम का अर्थ 'लोहा' ही मुख्य वजह थी, जिसकी पुष्टि करीना भी करती हैं.
जब नाम को लेकर मच गया था बवाल
तैमूर अली खान का जन्म 20 दिसंबर 2016 को हुआ था. उस वक़्त जैसे ही उनके नाम का खुलासा हुआ, सोशल मीडिया पर इसे लेकर एक बड़ा विवाद शुरू हो गया.
लोगों ने इस नाम को मध्य एशियाई शासक तैमूर से जोड़ना शुरू कर दिया, जिसे भारत के इतिहास में एक हमलावर के तौर पर देखा जाता है. उस दौरान सैफ और करीना को सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था.
कई लोगों ने तो उन्हें इतिहास की जानकारी न होने तक का ताना मार दिया था, जबकि कुछ ने इसे जानबूझकर की गई गलती बताया था.
विवाद इतना बढ़ गया था कि सैफ ने बेटे का नाम बदलकर 'फैज़' रखने तक का विचार कर लिया था. इसके लिए उन्होंने एक प्रेस नोट का ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया था, जिसमें वे अपने इस फैसले की जानकारी देना चाहते थे.
लेकिन करीना कपूर ने इस पर साफ़ इनकार कर दिया. उनका कहना था कि लोगों के दबाव में आकर कोई भी बड़ा फैसला नहीं लेना चाहिए.
करीना की दृढ़ता के बाद सैफ ने भी नाम बदलने का अपना इरादा छोड़ दिया. आज तैमूर अली खान 9 साल के हो चुके हैं और मुंबई के धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं.
नाम पर मची ये बहस भले ही रुक-रुक कर सामने आती रहती हो, लेकिन सैफ और करीना ने हमेशा यही संदेश दिया है कि उनके लिए उनके बेटे का भविष्य और उसकी परवरिश सबसे ज़्यादा मायने रखती है, नाम का इतिहास नहीं.

